प्रातः पुष्प बैठक सेवा ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी की आराधना का एक अत्यंत मधुर और शांतिपूर्ण रूप है। यह सेवा सुबह के समय ठाकुर जी के विश्राम से जागरण के पश्चात सम्पन्न होती है, जिसमें ठाकुर जी को पुष्पों से सजे आसन पर विराजमान किया जाता है, उनका मंगल दर्शन कराया जाता है और सुगंधित वातावरण में आरती, भजन और ध्यान किया जाता है।
यह सेवा भक्त और ठाकुर जी के बीच आत्मिक संवाद का क्षण है — जहाँ भक्त केवल दर्शन नहीं करता, बल्कि अपने हृदय को ठाकुर जी के चरणों में अर्पित कर देता है।
प्रातः पुष्प बैठक सेवा को “भक्ति का प्रभात” कहा गया है। इस सेवा के माध्यम से भक्त अपने दिन की शुरुआत ठाकुर जी की उपस्थिति और स्नेह से करता है।
यह सेवा मन, वचन और कर्म तीनों को निर्मल बनाती है, और भक्त के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आनंद का संचार करती है।
दिन का आरंभ जब ठाकुर जी के चरणों के दर्शन से होता है, तब हर कार्य स्वयं ही मंगलमय बन जाता है।
सुबह के समय जब पुष्पों की सुगंध ठाकुर जी के चरणों को छूती है, तब वातावरण ही नहीं, भक्त का मन भी स्नेह से महक उठता है। यही सच्ची ‘प्रातः बैठक’ है — जहाँ भक्ति और शांति का मिलन होता है।
विशेष अवसरों (जैसे पूर्णिमा, रविवार या कथा दिवस) पर पुष्प बैठक सेवा के साथ भजन संध्या का आयोजन भी किया जा सकता है।