banner

फूल–बंगला सेवा

फूल–बंगला सेवा

सेवा का परिचय

फूल–बंगला सेवा ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी की सबसे मनोहर और सुगंधित सेवाओं में से एक है। इस सेवा में ठाकुर जी के आसन, कक्ष, दीवारें, छत और मंदिर परिसर को विभिन्न पुष्पों से सजाया जाता है। यह सेवा केवल एक अलंकरण नहीं, बल्कि भक्ति का ऐसा रंग है जो मंदिर के प्रत्येक कोने को सनेह की सुगंध से भर देता है।

पुष्पों की इस सेवा के माध्यम से भक्त अपने भावों को रंग, गंध और सौंदर्य के रूप में ठाकुर जी को अर्पित करता है।

सेवा का महत्व

फूल–बंगला सेवा प्रेम और सौंदर्य का सजीव संगम है। हर पुष्प भक्ति का प्रतीक है और उसकी सुगंध ठाकुर जी की कृपा का संदेश लेकर भक्त के जीवन में फैलती है। यह सेवा भक्त को सिखाती है कि भक्ति केवल शब्दों से नहीं, साज-सज्जा और सुगंध से भी प्रकट हो सकती है।

जहाँ पुष्पों की सुगंध होती है, वहाँ ठाकुर जी की उपस्थिति स्वतः अनुभव होती है।

अर्पण के प्रकार

  • पुष्प सज्जा: गुलाब, गेंदा, मोगरा, कमल, रजनीगंधा आदि फूलों से साज-सज्जा।
  • पुष्प झूला एवं तोरण: ठाकुर जी के आसन या झूले को पुष्पों से अलंकृत करना।
  • दीप व इत्र अर्पण: वातावरण में चंदन और गुलाब इत्र की सुगंध के साथ दीप जलाना।
  • रंग-समन्वय सज्जा: सफेद, लाल और पीले फूलों से सौंदर्यपूर्ण संयोजन।

सेवा प्रक्रिया

  1. भक्त वेबसाइट या मंदिर कार्यालय से सेवा आरक्षित करें।
  2. मंदिर प्रबंधन द्वारा सेवा की तिथि और समय की पुष्टि की जाएगी।
  3. चुनी गई तिथि पर पुष्प सज्जा मंदिर प्रांगण में सम्पन्न होगी।
  4. सेवा के दौरान ठाकुर जी के विग्रह को फूलों के आसन पर प्रतिष्ठित किया जाएगा।
  5. सेवा पूर्ण होने के उपरांत भक्त को फोटो और पुष्टिकरण संदेश भेजा जाएगा।

नियम एवं दिशा–निर्देश

  • केवल ताज़े और प्राकृतिक फूलों का उपयोग किया जाएगा।
  • कृत्रिम फूलों या प्लास्टिक सज्जा का प्रयोग निषिद्ध है।
  • पुष्प सज्जा का रंग संयोजन मंदिर प्रबंधन की स्वीकृति के अनुसार होगा।
  • विशेष पर्वों पर फूल–बंगला सेवा अग्रिम रूप से बुक कराना आवश्यक है।

सेवा बुकिंग हेतु आवश्यक विवरण

  • भक्त का नाम
  • गोत्र
  • नक्षत्र / जन्म राशि (यदि उपलब्ध हो)
  • सेवा किसके नाम से करवाई जा रही है
  • विशेष अवसर (जन्मदिन, वर्षगाँठ, आदि)
  • निवास स्थान
  • ईमेल व मोबाइल नंबर
  • तिथि और समय स्लॉट

आध्यात्मिक संदेश

फूल केवल सजावट नहीं, वे भक्ति की महक हैं — जो ठाकुर जी के चरणों में जाकर सनेह की आरती बन जाती हैं।


हमारे पंडित जी से संपर्क कैसे करें?

भक्त चाहें तो अपनी पसंद के पुष्प या इत्र मंदिर को अग्रिम भेज सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण करें

Darshan करें